Tuesday, August 23, 2016

ये 5 हुनर आपको ऐसे बना सकते हैं करोड़पति, सिर्फ करना होगा ये काम...



घर बैठे बिना लागत या बेहद छोटी रकम के साथ अपने काम का सपना देखने वालों के लिए ब्लॉग लिखना सबसे आसान तरीका होती है। हालांकि ब्लॉग शुरू करने वाले अधिकांश लोग कमर्शियल लेवल पर सक्सेफुल नहीं हो पाते हैं। कुछ लोग जरूर खास सब्जेक्ट में अपने अनुभव या विशेषज्ञता की वजह से करोड़ों कमाने में कामयाब हो जाते हैं। आज आपको ऐसे सब्जेक्ट्स के बारे में बता रहा है, जिन्होंने आम लोगों को कामयाब बनाया है। ये सब्जेक्ट द रिचेस्ट की टॉप ब्लॉगर लिस्ट पर आधारित हैं। 

टेक्नोलॉजी - 
ब्लॉगिंग की दुनिया में सबसे कामयाब सब्जेक्ट टेक्नोलॉजी है। - 2015 की द रिचेस्ट की लिस्ट में सबसे ज्यादा कमाने वाले टॉप 10 की लिस्ट में 4 टेक्नोलॉजी से जुड़े ब्लॉग लिखते हैं। - माइकल एरिंगटन सबसे ज्यादा कमाने वाले ब्लॉगर है, जिनकी सालाना कमाई 96 लाख डॉलर यानी 60 करोड़ रुपए है। - उनके मुताबिक टेक्नोलॉजी में लगातार बदलाव होते रहते हैं। ऐसे में लिखने के लिए टॉपिक्स की कोई कमी नहीं है। साथ ही जरूरी नहीं है कि आप इस फील्ड की पढ़ाई करें। आप एक्सपीरियंस या आम आदमी की तरह भी टेक ब्लॉग लिख सकते हैं, जिसमें बताया जाता है कि किसी खास तकनीक प्रोडक्ट या गैजेट का एक्सपीरियंस कैसा रहा। - खास बात यह है कि ऐसे ब्लॉग पर कॉमन रीडर्स के साथ ही बड़ी-बड़ी कंपनियां भी नजर रखती हैं।

 एंटरटेनमेंट - 
फिल्म, गॉसिप और एंटरटेनमेंट से जुड़े फैक्ट्स के बारे में लोग काफी पढ़ना पसंद करते हैं। - हालांकि इस सब्जेक्ट पर लिखने वालों के लिए इंडस्ट्री में पहुंच होनी काफी जरूरी है। - पेरेज हिल्टन नाम से मशहूर मारियो लेवेंडेरिया साल 2005 से इस सब्जेक्ट पर ब्लॉग लिख रहे हैं। - पेरेज ब्लॉग लिखकर हर महीने 2 से 4 लाख डॉलर तक कमाई कर रहे हैं। यह रकम अधिकतम 32 करोड़ रुपए सालाना है। - द रिचेस्ट की सबसे ज्यादा कमाई करने वाले ब्लॉगर की लिस्ट में पेरेज तीसरे नंबर पर हैं।

 ट्रैवल - 
ब्लॉगिंग की दुनिया में ट्रैवल भी सबसे सक्सेसफुल सब्जेक्ट है। - फोर्ब्स के मुताबिक आयरलैंड का ट्रैवल ब्लॉगर जॉनी वार्ड अपनी वेबसाइट स्टेप 4 वार्ड मीडिया के जरिए औसत 30 हजार डॉलर प्रति माह की कमाई कर रहा है। यह रकम 19 लाख रुपए महीना है। यानी 2 करोड़ रुपए सालाना से ज्यादा की कमाई। वार्ड साल के अधिकांश वक्त दुनिया भर में घूमते रहते हैं। खास बात ये है कि सिर्फ 4 साल पहले यह शख्स एक कंपनी में सेल्स की जॉब कर रहा था। - हालांकि अगर आप पूरे साल घूमना नहीं चाहते तो भी आप ट्रैवल और टूरिज्म से जुड़े ब्लॉग लिख सकते हैं। - द रिचेस्ट की टॉप 10 ब्लॉगर की लिस्ट में छठे नंबर पर जेक डॉब्की हैं। यह हर महीने औसतन 1 लाख डॉलर कमाते हैं। यानी करीब 66 लाख रुपए महीना या करीब 8 करोड़ रुपए साल का है। - जेक की वेबसाइट दुनिया भर के फूड, इवेंट और आर्ट के बारे में जानकारी देती है। 

फूड - 
दुनिया भर के लोग सबसे ज्यादा खर्च खाने पर करते हैं, इसी वजह से फूड से जुड़े आर्टिकल भी काफी पढ़े जाते हैं। - अमेरिका की लिंडसे ओस्ट्रॉम पिंच ऑफ यम नाम से अपना ब्लॉग लिखती है। उनकी औसत महीने की कमाई 32 हजार डॉलर रही है, जो 21 लाख रुपए महीने के बराबर है। - रिचेस्ट की टॉप 10 ब्लॉगर की लिस्ट में शामिल जेक की वेबसाइट के बड़े हिस्से में फूड से जुड़े ब्लॉग पब्लिश किए जाते हैं। 

लाइफस्टाइल -
अगर आप पॉजिटिव बातों से लोगों की जिंदगी सुधार सकते हैं। तो आप ब्लॉग लिखकर अपनी आर्थिक स्थिति को और भी बेहतर बना सकते हैं। - द रिचेस्ट की लिस्ट में 8वें नंबर पर स्थित जीना ट्रपानी उन तरीकों के बारे में लिखती हैं, जिससे किसी की जिंदगी सुधारी जा सके। - जीना लिस्ट में शामिल अकेली महिला हैं। - द रिचेस्ट की लिस्ट के मुताबिक जीना महीने के एक लाख डॉलर कमा रही हैं, जो करीब 8 करोड़ रुपए साल के बराबर हैं। - इसके साथ ही दुनिया भर में ऐसे लोगों कमी नहीं है, जो लोगों की लाइफस्टाइल बेहतर बनाने के टिप्स देते रहते हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। 

5 हजार के खर्च से खड़ा कर सकते हैं करोड़ों का बिजनेस, ये है तरीका...



अगर आप बिजनेस करते हैं या करने जा रहे हैं, तो कमाई बढ़ाने को लेकर आशंकाएं बनी रहती हैं। आज के दौर में एक ऐसा तरीका है, जिसमें महज 5 हजार रुपए तक खर्च करके करोड़ों का बिजनेस खड़ा किया जा सकता है, या कमाई करोड़ों में पहुंचाई जा सकती है। इस तरीके को अपनाकर रेवेन्यु और प्रॉफिट को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। हम यहां इसके बारे में ही बता रहे हैं...... 
 
कंपनी के प्रति भरोसा बढ़ाने के लिए सबसे पहला तरीका है, वेबसाइट तैयार करना। अगर आप वेबसाइट नहीं बनवा सकते तो कई ऐसी वेबसाइट इंटरनेट पर मौजूद हैं जो आपसे रजिट्रेशन फीस लेकर आपके बिजनेस को इंटरनेट पर लिस्ट कर देंगी। इंडियामार्ट, जस्ट डायल, सुलेखा डॉट कॉम ऐसी ही वेबसाइट हैं। ये वेबसाइट आपके प्रोडक्ट या सर्विस को अपनी साइट पर पूरी डिटेल के साथ पेश करेंगी।

अगर आप कोई सर्विस या प्रोडक्ट बेचते हैं तो अपनी वेबसाइट बनाकर उसे ज्यादा प्रमोट कर सकते हैं क्योंकि आपकी वेबसाइट पर केवल आपके प्रोडक्ट या सर्विस की डिटेल होगी।एक सामान्य वेबसाइट बनाने का खर्च 5 हजार रुपए से लेकर कई लाखों तक हो सकता है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से वेबसाइट बनवा सकते हैं। सबसे पहले आपकोडोमेन नेम और वेबसाइट के लिए सर्वर पर स्पेस खरीदना होगा। डोमेन नेम का तो सालाना खर्च 700-800 रुपए होता है लेकिन स्पेस का रेंट आपकी साइट के साइज के मुताबिक होता है। फ्लिपकार्ट और अमेजन भी पहले बहुत छोटी वेबसाइट थी लेकिन आज अरबों का कारोबार कर रही हैं।

वेबसाइट बनने के बाद उसका इंटरनेट पर दिखना भी जरूरी है। इसके लिए आप गूगल सर्च इंजन की मदद ले सकते हैं। इसके लिए आपको ऐसे कीवर्ड खोजने होंगे, जिसके जरिए आपकी वेबसाइट को लोग ज्यादा खोज सकें। ये काम एसईओ एक्सपर्ट करता है। गूगल के मुताबिक ऐसे करीब 1.20 लाख कीवर्ड हैं, जिन्हें सर्च इंजन ऑप्टेमाइजेशन में उपयोग किया किया जाता है।

वेबसाइट बनने के बाद गूगल सर्च इंजन के अलावा आप सोशल मीडिया के जरिए अपनी वेबसाइट का प्रमोशन कर सकते हैं। सोशल मीडिया किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस के प्रचार का बड़ा जरिया बन चुका है। फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसी बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। फेसबुक के दुनियाभर में 171 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। 

गूगल एसईओ के अलावा आप अपनी साइट पर सर्च का विकल्प भी दे सकते हैं। इसमें भी यूजर उसी तरह सर्च करेंगे जैसे गूगल पर करते हैं। इससे साइट का ट्रैफिक बढ़ाने में मदद मिलती है। आपकी वेबसाइट पर यूजर जिस की-वर्ड को ज्यादा सर्च करते हैं उसका इस्तेमाल आप अपनी साइट के ट्रैफिक बढ़ाने में कर सकते हैं। 

आप अपनी वेबसाइट पर एक फीडबैक सेक्शन बना सकते हैं जिसमें यूजर आपको वेबसाइट की कमियां और गलतियां बता सकते हैं। जब आपको फीडबैक मिलने लगेगा तो उसके मुताबिक आप अपनी वेबसाइट में बदलाव कर सकते हैं।

Wednesday, August 17, 2016

Extra Income के लिए ये हैं बिजनेस ऑप्शन

घर बैठे ऐसे कई काम हैं, जिनसे महीने में एक अच्छी सैलरी के बराबर पैसा कमाया जा सकता है। जैसे अगर आप फिटनेस लवर हैं, तो अपनी नॉलेज औरों से भी बांट सकते हैं और अपना खुद का फिटनेस सेंटर (जिम) खोल सकते हैं, या फिर कपड़ों में लगने वाले बटन की हो या CFL की, आप आसानी से इन्हें घर बैठे ही बना सकते हैं, वो भी बेहद कम खर्च पर। बस आपके पास थोड़ी जगह होनी चाहिए। कैसे और क्या बनाएं...

आमतौर पर देखने में आया है कि ऐसे छोटे और बेहद कम खर्च में लगने वाले उद्योगों के बारे में लोगों को कम जानकारी होती है, जिसके चलते वे चाहकर भी कोशिश नहीं कर पाते। कैसे और क्या बनाएं, कहां से कच्चा माल (रॉ मटेरियल) लें और बनाकर कहां बेचें, इन तक कम ही लोगों की पहुंच हो पाती है।

आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही 5 बिजनेस आइडियाज़, जिनके जरिए आप आसानी से महीने में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक या इससे ज्यादा कमा सकते हैं। कुछ ऐसे ऑप्शन्स हैं जिनकी मार्केट में डिमांड ज्यादा है लेकिन बनाने वाले कम।
 

 बॉडी और मेंटन हेल्थ के लिए सभी अवेयर हैं, जिसके चलते फिटनेस सेंटर (जिम) में काफी भीड़ होती है। अगर आप भी फिटनेस को लेकर सीरियस हैं और इसकी Imp जानते हैं, तो आप दूसरों को गाइड कर अच्छे पैसे कमा सकते हैं। अपना जिम खोलने के लिए आपको बहुत ज्यादा कुछ नहीं करना होगा।
आपको क्या चाहिए-
- फिटनेस इक्विपमेंट्स खरीदने होंगे, जो वन टाइम इनवेस्टमेंट है।
- एक हॉलनुमा स्पेस (कम से कम 1000 स्कैवयर फिट) चाहिए जहां आप जिम शुरू कर सकें।
- आपको फिटनेस में इंट्रेस्ट होना चाहिए, ताकि आप लोगों को भी सलाह दे सकें।
मार्केट-
जिस शहर, इलाके में आप अपना जिम खोल रहे हैं, वहां के लोकल केबल के ज़रिए भी आप काफी कस्टमर जुटा सकते हैं।
- आप हर महीने, 3 महीने, 6 महीने या 1 साल का कोर्स डिजाइन कर फीस चार्ज कर सकते हैं।
पूंजी-
अपना जिम शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 3 से 4 लाख रुपए का वन-टाइम इनवेस्टमेंट करना होगा।
रेनिंग-
आप चाहें, तो अपना बिजनेस शुरू करने से पहले ट्रेनिंग ले सकते हैं, आपको बिजनेस चलाने में काफी मदद मिलेगी।
विज्ञापन-
बोर्ड, बैनर, होर्डिंग्स और केबल नेटवर्क के जरिए आप कस्टमर्स तक पहुंच सकते हैं।
 
 

CFL, ट्यूब और चोक्स
हवा पानी के बाद बिजली आज सबसे बड़ी जरूरत है और इत्तेफाक से इसकी कमी भी काफी है। बिजली बचाने के लिए पिछले कुछ सालों में CFL का यूज़ बढ़ा है, ऐसे में इनका निर्माण फायदे का सौदा हो सकता है। इनके साथ सबसे बड़ा फायदा है- एक साल तक यह काम आते हैं और बिजली बिल को बेहद कम कर देते हैं। इसके साथ ट्यूब और चोक्स की लोकल मार्केट में काफी मांग है।
मार्केट-हर घर में ट्यूब, CFL की जरूरत है। डोर टू डोर मार्केटिंग से मांग और मुनाफा कई गुना बढ़ सकता है। घरों के अलावा इलेक्ट्रिक शॉप्स, स्टेशनरीज़, मॉल, डिपार्टमेंटल स्टोर हर जगह इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। केयोस्क के ज़रिए भी इन्हें बेचना आसान है।

रॉ मटेरियल क्या चाहिए-आयरन, सोल्डर, पेस्ट, कटर, कंपसुल, पीसीबी, बोर्ड, सोल्डिंग वायर, स्लीव एल्युमिनियम कॉप, पीवीसी होल्डर व्हाइट, सीमेंट और कॉपर वायर।

मशीनरी-हल्ड एचपी मोटर, हैंड प्रेस, फोर कॉयल वाइंडिंग मशीन, डाइज़ आदि।
 
 
शर्ट, पैंट, बच्चों के कपड़े या महिलाओं के कपड़े हों, बटन लगते ही हैं। रेडिमेड कपड़े बनाने वाली कंपनियों के अलावा रिटेल में भी इनकी काफी मांग है। आप इन्हें एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं। प्लास्टिक बटन तैयार करने की इलेक्ट्रिक ऑटोमेटिक मशीन से बिजनेस शुरू कर सकते हैं या हैंड मोल्डेड मशीन से छोटे स्तर पर।
नॉयलॉन या अक्रेलिक बटन तैयार करने के लिए आप ऑटोमेटिक मशीन का यूज़ कर सकते हैं। जबकि प्लास्टिक मोल्डिंग मशीन से पीएफ या यूएफ बटन्स तैयार किए जा सकते हैं। इसी तरह इंजेक्शन मोल्डिंग, कम्प्रेशन मोल्डिंग के ज़रिए प्लास्टिक बटन्स तैयार किए जाते हैं।

मार्केट-रेडिमेट गारमेंट तैयार करनी वाली फर्म्स व कंपनियां, सिलाई का काम करने वाले कारीगर, फैशन हाउस, फैशन डिजाइनर्स और हर घर में यूज़ होते हैं बटन्स।
रॉ मटेरियल- नॉयलॉन, अक्रेलिक, पॉलिस्टर, तैयार शीट्स, प्लास्टिक की रंगीन गोलियां, पराफीन हुक्स, PVC रेजीन, फिलर्स, स्टेवलाइज़र, प्लास्टीसाइज़र की जरूरत होती है।

मशीनरी- इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन, मल्टी मोल्ड्स, ड्रिलिंग मशीन, हैंडमोल्डेड मशीन, मेटेनेंस के लिए लगने वाले औजार।
 
पानी की बोतल किसी ने न खरीदी हो, ऐसा शायद ही कोई मिले। सफर के दौरान महज 15 रुपए का शुद्ध पानी खरीदना सबसे आसान विकल्प बन गया है। आज मिनरल वॉटर की मांग हर जगह है। ब्रांडेड कंपनियों के अलावा कई छोटे उद्योग भी इसमें लगे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं। यह ऐसा बिजनेस है जिससे आप एक बार इन्वेस्टमेंट कर जिंदगी भर मुनाफा कमा सकते हैं।
अंतर समझिए-बाजार में मौजूद कंपनियां पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बनाती हैं। लेकिन यह सभी मिनरल वॉटर नहीं होते। शुद्ध पानी के लिए ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड’ यानी BIS ने तय की हुई शर्तें और नियमावली के अनुसार ही पानी की कमर्शियल प्रोडक्शन किया जा सकता है।

-पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर में इंसानी शरीर के लिए हानिकारक साबित होने वाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं। जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट और क्लोरिन।

-इनमें से क्लोरिन में शुद्धिकरण प्रक्रिया में पूरी तरह से कम किया जाता है।
- बाकी क्षार BIS के अनुसार तय मात्रा में कम किया जाता है।

रॉ मटेरियल-पानी (बोरवेल, कुंआ या जहां से भी शुद्ध पानी प्राप्त किया जा सके), प्लास्टिक की ट्रांसपेरेंट बोतलें, कैन और आपकी कंपनी का लेबल।

मशीनरीःआरओ मशीन, सैंड फिल्टर, कार्बन फिल्टर, सॉप्टनर, बोतलें पैकिंग करने वाली मशीनें और सबमर्सिबल पंप आदि।
 
 
टैल्कम पाउडर के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि मौसम के साथ ये हमेशा मार्केट और घरों में बने रहते हैं। इनका विकल्प अभी तक कुछ भी नहीं। छोटे बच्चे से लेकर बड़े-बूढ़े, अमीर या गरीब, सभी इसका यूज़ करते हैं। टैल्कम पाउडर बनाने लगने वाली रॉ मटेरियल में सुगंध मिलाकर पाउडर तैयार हो जाता है, उन्हें आप अलग-अलग साइज के डिब्बों में भरकर लेबलिंग कर मार्केट में बेच सकते हैं।
टैल्कम पाउडर बनाने से पहले आपको ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अनुसार मंजूरी लेनी होगी। आप एक्सपर्ट से स्पेशल फॉर्मूला तैयार करा सकते हैं।
मार्केट- हर इंसान टैल्कम पाउडर का ग्राहक है। किराना दुकान, छोटे-बड़े मॉल, कॉस्मेटिक दुकानें, ब्यूटी पार्लर-स्पा, जेंट्स सलून, दवाई की दुकानें, लोकल के डेली मार्केट, सभी जगहों पर टैल्कम पाउडर के खरीदार हैं। डोर टू डोर मार्केटिंग से भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
रॉ मटेरियल-जिस फ्लेवर का टैल्कम पाउडर तैयार करना हो उन फूलों की सुगंध (स्प्रे या लिक्विड फार्म में), टिटनियम डाय ऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड, कैल्शियम कार्बोनेट, सोप स्टोन लगेगा।

मशीनरी-ऑटोमेटिक ग्राइंडर, मिक्सर, फिल्टर, पैकिंग मशीन और लेबलिंग मशीन।