घर बैठे ऐसे कई काम हैं, जिनसे महीने में एक अच्छी सैलरी के बराबर पैसा
कमाया जा सकता है। जैसे अगर आप फिटनेस लवर हैं, तो अपनी नॉलेज औरों से भी
बांट सकते हैं और अपना खुद का फिटनेस सेंटर (जिम) खोल सकते हैं, या फिर
कपड़ों में लगने वाले बटन की हो या CFL की, आप आसानी से इन्हें घर बैठे ही
बना सकते हैं, वो भी बेहद कम खर्च पर। बस आपके पास थोड़ी जगह होनी चाहिए। कैसे और क्या बनाएं...
आमतौर पर देखने में आया है कि ऐसे छोटे और बेहद कम खर्च में लगने वाले उद्योगों के बारे में लोगों को कम जानकारी होती है, जिसके चलते वे चाहकर भी कोशिश नहीं कर पाते। कैसे और क्या बनाएं, कहां से कच्चा माल (रॉ मटेरियल) लें और बनाकर कहां बेचें, इन तक कम ही लोगों की पहुंच हो पाती है।
बॉडी और मेंटन हेल्थ के लिए सभी अवेयर हैं, जिसके चलते फिटनेस सेंटर (जिम)
में काफी भीड़ होती है। अगर आप भी फिटनेस को लेकर सीरियस हैं और इसकी Imp
जानते हैं, तो आप दूसरों को गाइड कर अच्छे पैसे कमा सकते हैं। अपना जिम
खोलने के लिए आपको बहुत ज्यादा कुछ नहीं करना होगा।
रॉ मटेरियल क्या चाहिए-आयरन, सोल्डर, पेस्ट, कटर, कंपसुल, पीसीबी, बोर्ड, सोल्डिंग वायर, स्लीव एल्युमिनियम कॉप, पीवीसी होल्डर व्हाइट, सीमेंट और कॉपर वायर।
मशीनरी-हल्ड एचपी मोटर, हैंड प्रेस, फोर कॉयल वाइंडिंग मशीन, डाइज़ आदि।
मार्केट-रेडिमेट गारमेंट तैयार करनी वाली फर्म्स व कंपनियां, सिलाई का काम करने वाले कारीगर, फैशन हाउस, फैशन डिजाइनर्स और हर घर में यूज़ होते हैं बटन्स।
मशीनरी- इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन, मल्टी मोल्ड्स, ड्रिलिंग मशीन, हैंडमोल्डेड मशीन, मेटेनेंस के लिए लगने वाले औजार।
-पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर में इंसानी शरीर के लिए हानिकारक साबित होने वाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं। जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट और क्लोरिन।
-इनमें से क्लोरिन में शुद्धिकरण प्रक्रिया में पूरी तरह से कम किया जाता है।
- बाकी क्षार BIS के अनुसार तय मात्रा में कम किया जाता है।
रॉ मटेरियल-पानी (बोरवेल, कुंआ या जहां से भी शुद्ध पानी प्राप्त किया जा सके), प्लास्टिक की ट्रांसपेरेंट बोतलें, कैन और आपकी कंपनी का लेबल।
मशीनरीःआरओ मशीन, सैंड फिल्टर, कार्बन फिल्टर, सॉप्टनर, बोतलें पैकिंग करने वाली मशीनें और सबमर्सिबल पंप आदि।
मशीनरी-ऑटोमेटिक ग्राइंडर, मिक्सर, फिल्टर, पैकिंग मशीन और लेबलिंग मशीन।
आमतौर पर देखने में आया है कि ऐसे छोटे और बेहद कम खर्च में लगने वाले उद्योगों के बारे में लोगों को कम जानकारी होती है, जिसके चलते वे चाहकर भी कोशिश नहीं कर पाते। कैसे और क्या बनाएं, कहां से कच्चा माल (रॉ मटेरियल) लें और बनाकर कहां बेचें, इन तक कम ही लोगों की पहुंच हो पाती है।
आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे ही 5 बिजनेस आइडियाज़, जिनके जरिए आप
आसानी से महीने में 50 हजार से 1 लाख रुपए तक या इससे ज्यादा कमा सकते हैं।
कुछ ऐसे ऑप्शन्स हैं जिनकी मार्केट में डिमांड ज्यादा है लेकिन बनाने वाले
कम।
आपको क्या चाहिए-
- फिटनेस इक्विपमेंट्स खरीदने होंगे, जो वन टाइम इनवेस्टमेंट है।
- एक हॉलनुमा स्पेस (कम से कम 1000 स्कैवयर फिट) चाहिए जहां आप जिम शुरू कर सकें।
- आपको फिटनेस में इंट्रेस्ट होना चाहिए, ताकि आप लोगों को भी सलाह दे सकें।
- एक हॉलनुमा स्पेस (कम से कम 1000 स्कैवयर फिट) चाहिए जहां आप जिम शुरू कर सकें।
- आपको फिटनेस में इंट्रेस्ट होना चाहिए, ताकि आप लोगों को भी सलाह दे सकें।
मार्केट-
जिस शहर, इलाके में आप अपना जिम खोल रहे हैं, वहां के लोकल केबल के ज़रिए भी आप काफी कस्टमर जुटा सकते हैं।
- आप हर महीने, 3 महीने, 6 महीने या 1 साल का कोर्स डिजाइन कर फीस चार्ज कर सकते हैं।
जिस शहर, इलाके में आप अपना जिम खोल रहे हैं, वहां के लोकल केबल के ज़रिए भी आप काफी कस्टमर जुटा सकते हैं।
- आप हर महीने, 3 महीने, 6 महीने या 1 साल का कोर्स डिजाइन कर फीस चार्ज कर सकते हैं।
पूंजी-
अपना जिम शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 3 से 4 लाख रुपए का वन-टाइम इनवेस्टमेंट करना होगा।
अपना जिम शुरू करने के लिए आपको सिर्फ 3 से 4 लाख रुपए का वन-टाइम इनवेस्टमेंट करना होगा।
रेनिंग-
आप चाहें, तो अपना बिजनेस शुरू करने से पहले ट्रेनिंग ले सकते हैं, आपको बिजनेस चलाने में काफी मदद मिलेगी।
आप चाहें, तो अपना बिजनेस शुरू करने से पहले ट्रेनिंग ले सकते हैं, आपको बिजनेस चलाने में काफी मदद मिलेगी।
विज्ञापन-
बोर्ड, बैनर, होर्डिंग्स और केबल नेटवर्क के जरिए आप कस्टमर्स तक पहुंच सकते हैं।
बोर्ड, बैनर, होर्डिंग्स और केबल नेटवर्क के जरिए आप कस्टमर्स तक पहुंच सकते हैं।
CFL, ट्यूब और चोक्स
हवा
पानी के बाद बिजली आज सबसे बड़ी जरूरत है और इत्तेफाक से इसकी कमी भी काफी
है। बिजली बचाने के लिए पिछले कुछ सालों में CFL का यूज़ बढ़ा है, ऐसे में
इनका निर्माण फायदे का सौदा हो सकता है। इनके साथ सबसे बड़ा फायदा है- एक
साल तक यह काम आते हैं और बिजली बिल को बेहद कम कर देते हैं। इसके साथ
ट्यूब और चोक्स की लोकल मार्केट में काफी मांग है।
मार्केट-हर
घर में ट्यूब, CFL की जरूरत है। डोर टू डोर मार्केटिंग से मांग और मुनाफा
कई गुना बढ़ सकता है। घरों के अलावा इलेक्ट्रिक शॉप्स, स्टेशनरीज़, मॉल,
डिपार्टमेंटल स्टोर हर जगह इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। केयोस्क के ज़रिए
भी इन्हें बेचना आसान है।
रॉ मटेरियल क्या चाहिए-आयरन, सोल्डर, पेस्ट, कटर, कंपसुल, पीसीबी, बोर्ड, सोल्डिंग वायर, स्लीव एल्युमिनियम कॉप, पीवीसी होल्डर व्हाइट, सीमेंट और कॉपर वायर।
मशीनरी-हल्ड एचपी मोटर, हैंड प्रेस, फोर कॉयल वाइंडिंग मशीन, डाइज़ आदि।
शर्ट,
पैंट, बच्चों के कपड़े या महिलाओं के कपड़े हों, बटन लगते ही हैं। रेडिमेड
कपड़े बनाने वाली कंपनियों के अलावा रिटेल में भी इनकी काफी मांग है। आप
इन्हें एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं। प्लास्टिक बटन तैयार करने की इलेक्ट्रिक
ऑटोमेटिक मशीन से बिजनेस शुरू कर सकते हैं या हैंड मोल्डेड मशीन से छोटे
स्तर पर।
नॉयलॉन या अक्रेलिक
बटन तैयार करने के लिए आप ऑटोमेटिक मशीन का यूज़ कर सकते हैं। जबकि
प्लास्टिक मोल्डिंग मशीन से पीएफ या यूएफ बटन्स तैयार किए जा सकते हैं। इसी
तरह इंजेक्शन मोल्डिंग, कम्प्रेशन मोल्डिंग के ज़रिए प्लास्टिक बटन्स
तैयार किए जाते हैं।
मार्केट-रेडिमेट गारमेंट तैयार करनी वाली फर्म्स व कंपनियां, सिलाई का काम करने वाले कारीगर, फैशन हाउस, फैशन डिजाइनर्स और हर घर में यूज़ होते हैं बटन्स।
रॉ मटेरियल-
नॉयलॉन, अक्रेलिक, पॉलिस्टर, तैयार शीट्स, प्लास्टिक की रंगीन गोलियां,
पराफीन हुक्स, PVC रेजीन, फिलर्स, स्टेवलाइज़र, प्लास्टीसाइज़र की जरूरत
होती है।
मशीनरी- इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन, मल्टी मोल्ड्स, ड्रिलिंग मशीन, हैंडमोल्डेड मशीन, मेटेनेंस के लिए लगने वाले औजार।
पानी की बोतल किसी ने न खरीदी हो, ऐसा शायद ही कोई मिले। सफर के दौरान
महज 15 रुपए का शुद्ध पानी खरीदना सबसे आसान विकल्प बन गया है। आज मिनरल
वॉटर की मांग हर जगह है। ब्रांडेड कंपनियों के अलावा कई छोटे उद्योग भी
इसमें लगे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं। यह ऐसा बिजनेस है जिससे आप एक बार
इन्वेस्टमेंट कर जिंदगी भर मुनाफा कमा सकते हैं।
अंतर समझिए-बाजार
में मौजूद कंपनियां पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर बनाती हैं। लेकिन यह सभी मिनरल
वॉटर नहीं होते। शुद्ध पानी के लिए ‘ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड’ यानी BIS
ने तय की हुई शर्तें और नियमावली के अनुसार ही पानी की कमर्शियल प्रोडक्शन
किया जा सकता है।
-पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर में इंसानी शरीर के लिए हानिकारक साबित होने वाले सभी प्रकार के क्षार कम किए जाते हैं। जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट और क्लोरिन।
-इनमें से क्लोरिन में शुद्धिकरण प्रक्रिया में पूरी तरह से कम किया जाता है।
- बाकी क्षार BIS के अनुसार तय मात्रा में कम किया जाता है।
रॉ मटेरियल-पानी (बोरवेल, कुंआ या जहां से भी शुद्ध पानी प्राप्त किया जा सके), प्लास्टिक की ट्रांसपेरेंट बोतलें, कैन और आपकी कंपनी का लेबल।
मशीनरीःआरओ मशीन, सैंड फिल्टर, कार्बन फिल्टर, सॉप्टनर, बोतलें पैकिंग करने वाली मशीनें और सबमर्सिबल पंप आदि।
टैल्कम
पाउडर के बारे में सबसे अच्छी बात ये है कि मौसम के साथ ये हमेशा मार्केट
और घरों में बने रहते हैं। इनका विकल्प अभी तक कुछ भी नहीं। छोटे बच्चे से
लेकर बड़े-बूढ़े, अमीर या गरीब, सभी इसका यूज़ करते हैं। टैल्कम पाउडर
बनाने लगने वाली रॉ मटेरियल में सुगंध मिलाकर पाउडर तैयार हो जाता है,
उन्हें आप अलग-अलग साइज के डिब्बों में भरकर लेबलिंग कर मार्केट में बेच
सकते हैं।
टैल्कम पाउडर बनाने
से पहले आपको ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के अनुसार मंजूरी लेनी होगी। आप
एक्सपर्ट से स्पेशल फॉर्मूला तैयार करा सकते हैं।
मार्केट-
हर इंसान टैल्कम पाउडर का ग्राहक है। किराना दुकान, छोटे-बड़े मॉल,
कॉस्मेटिक दुकानें, ब्यूटी पार्लर-स्पा, जेंट्स सलून, दवाई की दुकानें,
लोकल के डेली मार्केट, सभी जगहों पर टैल्कम पाउडर के खरीदार हैं। डोर टू
डोर मार्केटिंग से भी अच्छी कमाई की जा सकती है।
रॉ मटेरियल-जिस
फ्लेवर का टैल्कम पाउडर तैयार करना हो उन फूलों की सुगंध (स्प्रे या
लिक्विड फार्म में), टिटनियम डाय ऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड, कैल्शियम
कार्बोनेट, सोप स्टोन लगेगा।
मशीनरी-ऑटोमेटिक ग्राइंडर, मिक्सर, फिल्टर, पैकिंग मशीन और लेबलिंग मशीन।





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